Happy Places

I am my most comfortable self in these places, the feeling is something akin to being tucked inside a warm blanket – made up of fibers of familiarity and fondness..

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Rezendevous

I peered over the boundary wall, and it was quite tall, which made things a tad difficult. But I was drawn to this house, time and again, I could not help it. The little boy was standing besides his tricycle, while his dad was working on the support wheels. “Dad, I am not so sure […]

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क्या भूलें क्या याद करें

जब छूट जायेंगे पीछे ये पल सुकून के. तब मन में यही सवाल आएगा- क्या भूलें ,क्या याद करें ? भूल जाएँ अपने घर को छोड़ना एक नयी मंजिल के लिए, या याद करें नए दोस्तों बनाने का वो फ़साना सुहाना… भूल जाएँ exams में कम marks लाके मायूस होना, या याद करें उस ग़म […]

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Yaad

कुछ साल बीत जाने के बाद, कुछ साल याद आते हैं, कुछ लोग मिल जाने के बाद, कुछ दोस्त याद आते हैं…मेज़ पर काम करते करते, घर पर cricket का वो शोर याद आता है, हाथ में कलम पकड़े हुए, वो ball  फिर थामने को जी चाहता है…कमरे के सन्नाटे में. दोस्तों की हंसी गूंजती […]

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फिर वही गाना

आज मन कहने लगा कुछ गुनगुनाओ तो फिर वोही गाना गुनगुना लिया | तुम्हारी बातों ने फिर छेड दिए कुछ साज़ तो आज फिर दिल ने मुस्कुरा दिया |  जब आज सूरज को ढलते देखा तो फिर तुम्हारी याद आई याद आई वो सारी शामें जिन्हें तुम्हारे मासूम-से सवालों में डूबा दिया | आज मन कहने लगा कुछ गुनगुनाओ […]

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